Updated 2026 guide: बच्चों और छात्रों के लिए गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने का step-by-step तरीका, नियम और शिष्टाचार।
गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने के नियम – Updated Guide 2026
भारत के हर नागरिक के लिए 26 जनवरी का दिन केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे संविधान और लोकतंत्र का जश्न भी है। इस दिन हमारे स्कूल, कॉलेज, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में झंडा फहराने की परंपरा होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि झंडा फहराने के अपने नियम और शिष्टाचार होते हैं, जिन्हें हर नागरिक को समझना और अपनाना चाहिए?
यह गाइड Updated 2026 के अनुसार आपको step by step बताएगा कि झंडा फहराने के लिए क्या नियम हैं, किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है और कैसे इस प्रक्रिया को सम्मानपूर्वक किया जाए।
1. झंडा फहराने का महत्व
राष्ट्रीय ध्वज केवल एक रंगीन कपड़ा नहीं है। यह हमारे देश की आजादी, एकता, और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक।
- सत्य और अहिंसा का प्रतीक: भगवा रंग साहस और बलिदान, सफेद रंग शांति और सच्चाई, और हरा रंग समृद्धि और विकास का प्रतीक है।
- धैर्य और अनुशासन का प्रतीक: झंडा फहराने की परंपरा हमें सिखाती है कि देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं होती, बल्कि हर कार्य में अनुशासन और सम्मान दिखाना जरूरी है।
गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराना इसलिए इतना खास होता है क्योंकि यह हमारे संविधान के सशक्त, स्वतंत्र और न्यायसंगत देश होने की याद दिलाता है।
2. झंडा फहराने की तैयारी
a) जगह और समय
- झंडा खुले मैदान या भवन की मुख्य जगह पर फहराया जाता है।
- समय: सुबह 7:00 AM से 10:00 AM के बीच परंपरागत रूप से सबसे उपयुक्त होता है।
- सुनिश्चित करें कि झंडा साफ और पूरी तरह फैला हुआ हो।
b) उपकरण
- झंडा, डोरी, और ध्वज-स्तंभ तैयार रखें।
- डोरी मजबूत और सही तरीके से बांधी हो।
- ध्वज के लिए स्थायी या पोर्टेबल फ्लैग पोल का इस्तेमाल हो सकता है।
c) सुरक्षा और व्यवस्था
- बच्चों या पहली बार फहराने वाले लोगों को अनुभवी व्यक्ति की निगरानी में रखा जाए।
- झंडा गिरने या फटने से बचाने के लिए सतर्क रहें।
3. झंडा फहराने का सही तरीका
a) ऊँचाई और दिशा
- राष्ट्रीय ध्वज को सीधे और ऊँचाई पर फहराया जाए।
- झंडा हमेशा ऊपर से नीचे की ओर ढलता हुआ लगे।
- सूरज की दिशा के हिसाब से झंडा स्पष्ट दिखाई दे।
b) डोरी का सही इस्तेमाल
- झंडा फहराते समय डोरी को धीरे-धीरे खींचें।
- झंडा अचानक फहराना या झटके से खींचना अशिष्ट माना जाता है।
- डोरी को मजबूती से बांधें ताकि झंडा हवा में सही स्थिति में रहे।
c) झंडा फहराते समय शिष्टाचार
- झंडा फहराते समय सभी उपस्थित लोग सीधे खड़े रहें और सलामी दें।
- बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि झंडे के सामने शांति और अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
- झंडे के नीचे न बैठें और न खेलें।
4. झंडा फहराने के समय का गीत और गान
- झंडा फहराते समय राष्ट्रीय गान (जन गण मन) बजाना या गाना अनिवार्य है।
- बच्चों और छात्रों के लिए यह देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है।
- गान के समय सभी ध्यान से खड़े रहें और झंडा सम्मानपूर्वक देखें।
5. झंडा फहराने के नियम (Flag Code of India 2022 Update)
भारत सरकार ने Flag Code of India में राष्ट्रीय ध्वज के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं।
प्रमुख नियम:
- झंडा केवल आधिकारिक दिन या समारोह पर फहराया जाए।
- झंडे का रंग, अनुपात और डिजाइन सही हो।
- आयताकार: अनुपात 3:2
- भगवा, सफेद, हरा और अशोक चक्र के अनुसार
- झंडा जमीन या पानी से न लगे।
- रंग फीका होने पर या फट जाने पर झंडा बदलें।
- रात में फहराने पर झंडा सही ढंग से रोशनी में दिखाई देना चाहिए।
- झंडे के साथ अनुचित व्यवहार जैसे खेलना या फेंकना वर्जित है।
ध्यान दें: यह नियम सभी सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होते हैं।
6. बच्चों और छात्रों के लिए विशेष टिप्स
- छोटे बच्चे: उन्हें झंडे के महत्व और शिष्टाचार के बारे में पहले समझाएं।
- पहली बार फहराने वाले छात्रों: अभ्यास के लिए dummy flag का इस्तेमाल करें।
- टीचर्स का रोल: मार्गदर्शन और निगरानी, ताकि झंडा सही तरीके से फहराया जाए।
7. झंडा फहराने के दौरान आम गलतियाँ
- झंडा जमीन या पानी पर छू जाना।
- डोरी अचानक खींचना।
- झंडा फटने या गंदा होने पर फहराना।
- गान के दौरान अशांति या हंसी-मज़ाक करना।
- झंडा न देखें या अनुशासन न अपनाएं।
सावधानी: इन गलतियों से देशभक्ति का संदेश कमजोर पड़ सकता है।
8. झंडा फहराने का सही समय और अवधि
- सुबह 7:00 से 10:00 बजे तक सबसे उचित।
- झंडा 10–15 मिनट तक फहरा रहना चाहिए, ताकि सभी उपस्थित लोग इसे देख और सम्मान कर सकें।
- झंडा उतारते समय भी विनम्रता और शांति बनाए रखें।
9. झंडा फहराने की परंपरा का सामाजिक महत्व
- बच्चों और छात्रों को यह सिखाती है कि देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं।
- समाज में समानता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।
- विद्यालय और संस्थान यह अवसर देकर संस्कृति और संविधान का सम्मान सिखाते हैं।
10. झंडा फहराने की प्रक्रिया – Step by Step
- ध्वज-स्तंभ और डोरी तैयार करें।
- सुनिश्चित करें कि झंडा साफ और नई अवस्था में है।
- सभी उपस्थित लोगों को सुपरवाइज़ करें और अनुशासन बनाए रखें।
- राष्ट्रीय गान बजाएँ।
- डोरी धीरे-धीरे खींचकर झंडा फहराएँ।
- झंडा ऊँचाई पर स्थिर होने तक इंतजार करें।
- सभी उपस्थित लोग सलामी दें और झंडा देखें।
- फहराने के बाद डोरी मजबूती से बांधें।
Tip: Practice करने से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है।
11. झंडा फहराने के साथ अन्य कार्यक्रम
- परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- भाषण और देशभक्ति गीत।
- बच्चों और छात्रों द्वारा नारे और कविता पाठ।
यह झंडा फहराने के महत्व को और गहरा और यादगार बनाता है।
12. निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह देशभक्ति, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है। बच्चों और छात्रों के लिए यह सीखने और समझने का अवसर है। सही तरीके से झंडा फहराना हमें यह याद दिलाता है कि संविधान और लोकतंत्र हमारी ताकत हैं। छोटे नियम और शिष्टाचार अपनाकर हम देश का सम्मान और गौरव बनाए रख सकते हैं।
याद रखें, झंडा फहराने का सही तरीका अपनाना न केवल नियमों का पालन है, बल्कि यह हमारे देश और लोकतंत्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।



