राष्ट्र प्रेरणा स्थल लखनऊ के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रीय संकल्प ही भारत की असली ताकत हैं。
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यह स्थल भारत की लोकतांत्रिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय संकल्प से जुड़े विचारों को संरक्षित करने का माध्यम बनेगा। सरकारी पक्ष के अनुसार, इसे केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि देश की वैचारिक यात्रा को समझने और आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्र निर्माण से जुड़े मूल्यों को समर्पित स्थल
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्र प्रेरणा स्थल उन व्यक्तित्वों और आदर्शों को समर्पित है, जिन्होंने भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे स्थल समाज को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी की भावना से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

विचारों और आदर्शों की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती केवल बुनियादी ढांचे या आर्थिक प्रगति से तय नहीं होती। इसके पीछे मौजूद विचार, आदर्श और मूल्य भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। उनके अनुसार, राष्ट्र प्रेरणा स्थल इतिहास, प्रेरणा और भविष्य के बीच संवाद का एक मंच बनने का प्रयास है।
लखनऊ की सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान
लखनऊ लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के शुभारंभ के साथ शहर की यह पहचान और अधिक मजबूत होती नजर आ रही है। यह स्थल देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और वैचारिक परंपरा से परिचित कराने में सहायक हो सकता है।

‘अटल इरादा’ का संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने “अटल इरादा” की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई राष्ट्र अपने मूल सिद्धांतों पर दृढ़ रहता है, तभी वह चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ पाता है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल को इसी संकल्प का प्रतीक बताया।
युवाओं और आम जनता पर संभावित प्रभाव
सरकारी दृष्टिकोण के अनुसार, यह स्थल छात्रों, युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन और समझ का एक केंद्र बनने की दिशा में विकसित किया गया है। यहां आने वाले लोगों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि राष्ट्र निर्माण केवल नीतियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि विचारों, मूल्यों और सामूहिक प्रयासों से आगे बढ़ता है।
निष्कर्ष
लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का शुभारंभ भारत की वैचारिक विरासत को संरक्षित करने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह स्थल राष्ट्रप्रेम, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विचारों को मजबूत करने का माध्यम बन सकता है।
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नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय🔗 आधिकारिक जानकारी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट
pmindia.gov.in





