सौरभ द्विवेदी ने लल्लनटॉप और इंडिया टुडे ग्रुप से इस्तीफा दे दिया है। अध्ययन अवकाश के बाद आगे की दिशा तय करने के संकेत दिए हैं।
नई दिल्ली। हिंदी डिजिटल मीडिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। द लल्लनटॉप को स्थापित पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही वे इंडिया टुडे ग्रुप की सभी संपादकीय जिम्मेदारियों से भी मुक्त हो गए हैं। ग्रुप प्रबंधन ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी
सौरभ द्विवेदी ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। उन्होंने लिखा कि लल्लनटॉप ने उन्हें पहचान, सीख और हौसला दिया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह फैसला किसी पूर्ण विराम की तरह नहीं, बल्कि आगे की तैयारी का एक पड़ाव है। उनके अनुसार, अध्ययन अवकाश के बाद वे अपनी अगली दिशा तय करेंगे।
“शुक्रिया लल्लनटॉप, पहचान, सबक और हौसले के लिए। अपना साथ यहां समाप्त होता है। अध्ययन अवकाश और फिर आगे के संकल्प की बात करूंगा।”
अगले कदम को लेकर स्थिति साफ नहीं
उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल सौरभ द्विवेदी किसी नए पद या मीडिया संस्थान से नहीं जुड़ रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। स्वयं सौरभ द्विवेदी ने भी सार्वजनिक रूप से अपने अगले पेशेवर कदम पर स्पष्टता नहीं दी है।
रचनात्मक क्षेत्रों की चर्चाएं भी
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि वे फिल्मों या टेलीविज़न जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में संभावनाएं तलाश सकते हैं। हालांकि, यह जानकारी अभी अटकलों तक सीमित है और इस पर उनकी ओर से किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पत्रकारिता में स्थापित पहचान
सौरभ द्विवेदी हिंदी पत्रकारिता के चर्चित और भरोसेमंद नामों में गिने जाते हैं। वे द लल्लनटॉप के संस्थापक संपादक रहे हैं और इससे पहले इंडिया टुडे हिंदी के संपादक की भूमिका भी निभा चुके हैं। राजनीतिक संवाद, लंबे इंटरव्यू और सार्वजनिक बहसों के संतुलित संचालन को लेकर उनकी अलग पहचान रही है।
शिक्षा और शुरुआती सफर
22 अप्रैल 1983 को उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के चमरारी गांव में जन्मे सौरभ द्विवेदी की शुरुआती शिक्षा उरई में हुई। उन्होंने डीवीसी कॉलेज, उरई से स्नातक किया, इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से हिंदी साहित्य में परास्नातक और 1857 के विद्रोह पर एमफिल की डिग्री प्राप्त की। आगे चलकर उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की।
नवभारत टाइम्स से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक
अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स से करने वाले सौरभ द्विवेदी ने दैनिक भास्कर में भी न्यूज़ एडिटर के तौर पर काम किया। वर्ष 2013 में वे इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े और 2016 में हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म द लल्लनटॉप की शुरुआत की। लल्लनटॉप शो, नेतानगरी, दुनियादारी और गेस्ट इन द न्यूजरूम जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने हिंदी डिजिटल पत्रकारिता को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया।
निष्कर्ष
फिलहाल सौरभ द्विवेदी ने संकेत दिया है कि वे अध्ययन अवकाश के बाद अपने भविष्य की दिशा तय करेंगे। उनका अगला पेशेवर कदम क्या होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। इतना तय है कि हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है और यह बदलाव मीडिया जगत के लिए भी ध्यान देने योग्य है।






