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यूपी भाजपा में सियासी हलचल: ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का सख्त संदेश
राजनीति27 दिसंबर 2025

यूपी भाजपा में सियासी हलचल: ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का सख्त संदेश

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Chief Editor

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यूपी भाजपा में ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद सियासी हलचल तेज। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठनात्मक अनुशासन और वर्ग आधारित राजनीति पर सख्त चेतावनी दी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों अंदरूनी गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। कुछ ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया सामने आने से संगठन के भीतर अनुशासन और एकजुटता को लेकर संदेश स्पष्ट हुआ है। नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस घटनाक्रम पर नाराज़गी जताते हुए पार्टी की तय राजनीतिक लाइन से हटकर किसी भी तरह की पहल पर आपत्ति दर्ज कराई है।

प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी संगठन आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आंतरिक मजबूती पर फोकस कर रही है। ऐसे में वर्ग या समूह आधारित गतिविधियों को लेकर नेतृत्व की सतर्कता खुलकर सामने आई है।

पार्टी लाइन से अलग राजनीति पर आपत्ति

पंकज चौधरी ने बिना किसी विधायक या जनप्रतिनिधि का नाम लिए कहा कि भाजपा किसी भी तरह की नकारात्मक राजनीति या वर्ग विशेष के आधार पर गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का संचालन उसके सिद्धांतों, आदर्शों और संविधान के अनुरूप होना चाहिए।

“भाजपा सिद्धांतों और आदर्शों वाली पार्टी है। किसी भी तरह की नकारात्मक या वर्ग आधारित राजनीति पार्टी की कार्यशैली के अनुरूप नहीं है।”

पंकज चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष (भाजपा)

उनका संकेत साफ था कि व्यक्तिगत या सामूहिक मंच बनाकर राजनीतिक संदेश देना पार्टी की संगठनात्मक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। पार्टी के भीतर सभी चर्चाएं और निर्णय तय मंचों के माध्यम से ही होने चाहिए।

जाति या वर्ग आधारित पहल से दूरी

प्रदेश अध्यक्ष ने दोहराया कि भाजपा और उसके कार्यकर्ता किसी परिवार, जाति या समुदाय के नाम पर राजनीति करने में विश्वास नहीं रखते। पार्टी की राजनीति व्यापक सामाजिक सरोकारों और विकास के एजेंडे पर आधारित है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व लंबे समय से यह संदेश देता रहा है कि संगठन के भीतर सभी गतिविधियां और चर्चाएं निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत ही होनी चाहिए, ताकि संगठन की एकजुटता बनी रहे।

भविष्य के लिए स्पष्ट चेतावनी

पंकज चौधरी ने सख्त शब्दों में यह भी कहा कि यदि आगे चलकर भाजपा के किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की गतिविधियों को दोहराया जाता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और पार्टी स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

हालांकि, इस पूरे प्रकरण में किसी तरह की औपचारिक कार्रवाई या किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया गया है।

संगठन के भीतर इसका क्या मतलब

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह बयान पार्टी के भीतर संभावित समूहबंदी और अलग-अलग मंचों पर गतिविधियों की आशंका को रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आगामी चुनावी तैयारियों से पहले नेतृत्व संगठनात्मक एकता पर जोर देना चाहता है।

यह संदेश केवल किसी एक बैठक या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के लिए समान रूप से लागू माना जा रहा है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर सामने आया यह घटनाक्रम भाजपा के भीतर अनुशासन, संगठनात्मक एकता और तय राजनीतिक मर्यादाओं पर नेतृत्व के सख्त रुख को दर्शाता है। पार्टी का संदेश स्पष्ट है कि किसी भी तरह की अलग राजनीतिक पहल के लिए संगठन के भीतर गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।