पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा का मिशन 200+ और ममता बनर्जी का पलटवार। जानिए 2021-2024 के आंकड़े और प्रमुख चुनावी मुद्दे।
कोलकाता | जनवरी 2026. पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है। वर्ष 2026 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
हाल के दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दोहराए गए ‘मिशन 200+’ के लक्ष्य ने राजनीतिक बहस को और धार दे दी है, जिस पर सत्तारूढ़ टीएमसी ने कड़ा पलटवार किया है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
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▶️ 2021 विधानसभा चुनाव
2021 का विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक इतिहास का सबसे तीखा मुकाबला माना गया था।
हालांकि भाजपा का ‘मिशन 200+’ उस चुनाव में सफल नहीं हो पाया, लेकिन पार्टी ने 2011 में मिली 3 सीटों से बढ़कर 77 सीटें हासिल कीं और खुद को राज्य की मुख्य विपक्षी ताकत के रूप में स्थापित किया।
▶️ 2024 लोकसभा चुनाव
2024 के आम चुनावों में राज्य का राजनीतिक संतुलन एक बार फिर बदला हुआ नजर आया।
भाजपा के आंतरिक राजनीतिक आकलन के अनुसार पार्टी का दावा है कि वह अब भी लगभग 90 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है, जिसे 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए आधार माना जा रहा है।
वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026): सियासी बिसात बिछ चुकी है
▶️ अमित शाह की रणनीति
हालिया कोलकाता दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा 2026 में सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
- बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना
- भ्रष्टाचार के आरोप
- अवैध घुसपैठ का मुद्दा
- महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल
TMC का जवाब: “बंगाल फिर जीतेगा”
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह के दावों को राजनीतिक बयानबाज़ी बताते हुए खारिज किया है। टीएमसी नेताओं कुणाल घोष और ब्रात्य बसु का कहना है कि भाजपा 2026 में बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाएगी। टीएमसी ने अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में अपना चुनावी संदेश दिया है:
““যতই করো হামলা, আবার জিতবে বাংলা” (जितना भी हमला करो, बंगाल फिर जीतेगा)”
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Mamata Banerjee Biography: Struggle to Chief Ministerपार्टी का जोर स्थानीय नेतृत्व, राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की लोकप्रियता पर है।
प्रमुख मुद्दे जो 2026 का चुनाव प्रभावित कर सकते हैं
- <strong>वोटर लिस्ट विवाद:</strong> ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)’ के तहत नाम हटाए जाने पर टीएमसी का विरोध, जबकि भाजपा इसे शुद्धता का मामला मानती है।
- <strong>कानून-व्यवस्था:</strong> चुनावी वर्ष में राजनीतिक झड़पें और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
आगे की चुनौतियाँ और राजनीतिक समीकरण
आगे क्या?
आने वाले महीनों में अमित शाह की बंगाल में नियमित राजनीतिक सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित चुनावी रैलियाँ देखने को मिल सकती हैं।
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Narendra Modi Biography: Prime Minister of Indiaनिष्कर्ष
पश्चिम बंगाल की राजनीति 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पूरी तरह सक्रिय और प्रतिस्पर्धी हो चुकी है। ‘मिशन 200+’ बनाम ‘बंगाल फिर जीतेगा’ की यह लड़ाई केवल नारों की नहीं, बल्कि ग्राउंड रियलिटी, संगठनात्मक क्षमता और मतदाता विश्वास की परीक्षा साबित होगी।





